ऑटोब्लागिंग क्या है? क्या हम इससे कम मेहनत में ज्यादा पैसा कमा सकते हैं? मुझे पता है कि आप इन्हीं सवालों का जवाब ढूंढ रहे हैं। चलिए आपको बताता हूँ कि ऑटोब्लागिंग क्या है। में आपके ज्यादा से ज्यादा सवालों के जवाब इस आर्टिकल में देने की पूरी कोशिश करूंगा। ऑटोब्लागिंग के बारे में जानने के लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।
आपको नाम से ही पता चल जाता है कि ऑटोब्लागिंग ब्लॉगिंग का मतलब ऑटोमैटिक ब्लॉगिंग ही होगा। जी हां आप सही हैं। ये एक तरह से ऑटोमैटिक ब्लॉगिंग ही है। इसमें ब्लॉगर्स को कुछ ज्यादा काम नहीं करना पड़ता बल्कि उनका काम प्लगइन या सॉफ्टवेयर करते हैं। ज्यादातर सॉफ्टवेयर इस समय फ्री में उपलब्ध हैं। ये सॉफ्टवेयर या प्लगइन किसी दूसरी वेबसाइट के फीड से पोस्ट उठाकर आपके ब्लॉग पर पोस्ट करते हैं।
अब आप सोच रहे होंगे कि क्या फिर कॉपीराइट को कोई लफड़ा नहीं होगा। दरअसल यह फीड से पोस्ट लेता है और उस साइट को क्रेडिट दे देता है जिससे कॉपीराइट का खतरा नहीं रहता। इसमे आपको जो काम करना है वो है किसी वेबसाइट से आरएसएस फीड लेकर उसे प्लगइन या सॉफ्टवेयर में सबमिट करना। बस आपको इतना ही करना है उसके बाद सारा काम प्लगइन या सॉफ्टवेयर पर छोड़ देना है।
हाँ। ऑटोब्लागिंग वर्डप्रेस के साथ साथ ब्लॉगर पर भी किया जा सकता है। इसके लिए IFTTT नाम की एक वेबसाइट है जिससे आप ऑटोब्लागिंग कर सकते हैं। हालांकि ब्लॉगर पर अगर आप ब्लॉग्स्पॉट डोमेन के साथ ऑटोब्लागिंग करते हैं तो आपके ब्लॉग का सर्च इंजन पर रैंक करना बहुत ही मुश्किल है। लेकिन अगर आप ज्यादा डोमेन ऑथोरिटी और पेज अथॉरिटी वाले डोमेन के साथ ऑटोब्लागिंग करते हैं तो आप सर्च इंजन में रैंक कर पाएंगे।
अगर आपके ब्लॉग पर अच्छे खासे विजिटर आ रहे हैं तो आप अच्छी कमाई कर सकते हैं।
आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं होती, सारा काम सॉफ्टवेयर या प्लगइन करता है।
आपके ब्लॉग पर लगभग हर घंटे नया पोस्ट होता है (घंटे में कई बार) इसका मतलब नया कंटेंट हर कुछ देर में।
आपके पेज पर हर समय नया कंटेंट अपडेट होता रहता है इससे आपकी पेज रैंक बढ़ सकती है।
अगर आपका ब्लॉग ऐसे टॉपिक पर है जिसे हर समय अपडेट होना चाहिए (जैसे कि न्यूज़) तो ऑटोब्लागिंग एक अच्छा साधन है।
अगर आपका ब्लॉग एडसेंस की नजर में आ गया तो आपका एडसेंस एकाउंट सस्पेंड हो सकता है।
ऑटोब्लागिंग में कंटेंट दूसरी वेबसाइट या ब्लॉग का होता है इसका मतलब की ये ओरिजिनल नहीं होता।
सर्च इंजन में रैंक करना मुश्किल है।
अगर आप ब्लॉगर पर ऑटोब्लागिंग करते हैं तो हो सकता है आपका ब्लॉगर एकाउंट ही बंद हो जाये।(बहुत कम चांस हैं बन्द होने के)
ज्यादातर विज़िटर्स सोशल शेयर से हो आते है क्योंकि सर्च इंजन में ये रैंक नहीं होता।
अगर आप चाहते हैं कि मैं एक पोस्ट लिखूं कि ब्लॉगर पर ऑटोब्लागिंग कैसे करें तो मुझे कमेंट में बताएं। अपने सवाल भी मुझे कमेंट में बताएं। और इस पोस्ट को शेयर करना न भूलें।

ऑटोब्लागिंग क्या है?
आपको नाम से ही पता चल जाता है कि ऑटोब्लागिंग ब्लॉगिंग का मतलब ऑटोमैटिक ब्लॉगिंग ही होगा। जी हां आप सही हैं। ये एक तरह से ऑटोमैटिक ब्लॉगिंग ही है। इसमें ब्लॉगर्स को कुछ ज्यादा काम नहीं करना पड़ता बल्कि उनका काम प्लगइन या सॉफ्टवेयर करते हैं। ज्यादातर सॉफ्टवेयर इस समय फ्री में उपलब्ध हैं। ये सॉफ्टवेयर या प्लगइन किसी दूसरी वेबसाइट के फीड से पोस्ट उठाकर आपके ब्लॉग पर पोस्ट करते हैं।
अब आप सोच रहे होंगे कि क्या फिर कॉपीराइट को कोई लफड़ा नहीं होगा। दरअसल यह फीड से पोस्ट लेता है और उस साइट को क्रेडिट दे देता है जिससे कॉपीराइट का खतरा नहीं रहता। इसमे आपको जो काम करना है वो है किसी वेबसाइट से आरएसएस फीड लेकर उसे प्लगइन या सॉफ्टवेयर में सबमिट करना। बस आपको इतना ही करना है उसके बाद सारा काम प्लगइन या सॉफ्टवेयर पर छोड़ देना है।
क्या ऑटोब्लागिंग ब्लॉगर पर हो सकता है?
हाँ। ऑटोब्लागिंग वर्डप्रेस के साथ साथ ब्लॉगर पर भी किया जा सकता है। इसके लिए IFTTT नाम की एक वेबसाइट है जिससे आप ऑटोब्लागिंग कर सकते हैं। हालांकि ब्लॉगर पर अगर आप ब्लॉग्स्पॉट डोमेन के साथ ऑटोब्लागिंग करते हैं तो आपके ब्लॉग का सर्च इंजन पर रैंक करना बहुत ही मुश्किल है। लेकिन अगर आप ज्यादा डोमेन ऑथोरिटी और पेज अथॉरिटी वाले डोमेन के साथ ऑटोब्लागिंग करते हैं तो आप सर्च इंजन में रैंक कर पाएंगे।
ऑटोब्लागिंग के फायदे
अगर आपके ब्लॉग पर अच्छे खासे विजिटर आ रहे हैं तो आप अच्छी कमाई कर सकते हैं।
आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं होती, सारा काम सॉफ्टवेयर या प्लगइन करता है।
आपके ब्लॉग पर लगभग हर घंटे नया पोस्ट होता है (घंटे में कई बार) इसका मतलब नया कंटेंट हर कुछ देर में।
आपके पेज पर हर समय नया कंटेंट अपडेट होता रहता है इससे आपकी पेज रैंक बढ़ सकती है।
अगर आपका ब्लॉग ऐसे टॉपिक पर है जिसे हर समय अपडेट होना चाहिए (जैसे कि न्यूज़) तो ऑटोब्लागिंग एक अच्छा साधन है।
ऑटोब्लागिंग के नुकसान
अगर आपका ब्लॉग एडसेंस की नजर में आ गया तो आपका एडसेंस एकाउंट सस्पेंड हो सकता है।
ऑटोब्लागिंग में कंटेंट दूसरी वेबसाइट या ब्लॉग का होता है इसका मतलब की ये ओरिजिनल नहीं होता।
सर्च इंजन में रैंक करना मुश्किल है।
अगर आप ब्लॉगर पर ऑटोब्लागिंग करते हैं तो हो सकता है आपका ब्लॉगर एकाउंट ही बंद हो जाये।(बहुत कम चांस हैं बन्द होने के)
ज्यादातर विज़िटर्स सोशल शेयर से हो आते है क्योंकि सर्च इंजन में ये रैंक नहीं होता।
अगर आप चाहते हैं कि मैं एक पोस्ट लिखूं कि ब्लॉगर पर ऑटोब्लागिंग कैसे करें तो मुझे कमेंट में बताएं। अपने सवाल भी मुझे कमेंट में बताएं। और इस पोस्ट को शेयर करना न भूलें।
Bahut hi achhi jankari di hai aapne aur achhe se smjhaya bhi hai thank you check my website www.findersadda.com
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